बाजार का खेल

Sachin_Tendulkar_1212025cबचपन में क्रिकेट के प्रति जो दीवानगी थी वह कम जरूर हुई है लेकिन सचिन के प्रति भावनात्मक रुझान अब भी बरकरार है। अपने  जीवन में कभी मार खाई तो सचिन-प्रेम की वजह से। बचपन का वह दिन याद है जब क्रिकेट दूरदर्शन से दूर हो रहा था और निजी चैनलों ने इसका प्रसारण शुरू कर दिया था। पढना जारी रखे

गेंदबाज नहीं गेंदबाजी में परिवर्तन करना होगा

ishant-b-04-06-13धोनी की सेना एक बार फिर अपने गेंदबाजों के हाथों विफल हो गई। भारत के पिछले दो साल के रेकॉर्ड को देखें तो अमूमन हर मैच में जीत उसे बल्लेबाजों ने दिलाई है। और इसका विपरीत असर भारत के गेंदबाजी विभाग में साफ दिखाई दे रहा है।

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